पढ़ाई ल झन छोड़व रे संगी
पढ़ाई ल झन छोड़व रे संगी
छोड़े में हे घाटा रे ।
तै पढ़बे लिखबे संगी
हमला देबे का बांटा रे ।
खेत म जाबे गढ़बे कांटा रे
घर में बनाबे तै चाय आंटा रे ।
पढ़ाई ल झन छोड़व रे संगी
छोड़े में हे घाटा रे ।
पढ़ लिख के बनबे तै
एक दिन बाबू साहब ।
हो जाबे तै गाता रे ।
पढ़ाई ल झन छोड़व रे संगी
छोड़े में हे घाटा रे ।
पढ़ाई ल झन छोड़व रे संगी
छोड़े में हे घाटा रे ।
तै पढ़बे लिखबे संगी
हमला देबे का बांटा रे ।
खेत म जाबे गढ़बे कांटा रे
घर में बनाबे तै चाय आंटा रे ।
पढ़ाई ल झन छोड़व रे संगी
छोड़े में हे घाटा रे ।
पढ़ लिख के बनबे तै
एक दिन बाबू साहब ।
हो जाबे तै गाता रे ।
पढ़ाई ल झन छोड़व रे संगी
छोड़े में हे घाटा रे ।