।।आजादी परब मनाबो।।
चलव चलव सब दीदी भइया,आजादी परब मनाबो।
तीन रंग के धजा तिरंगा,मिलके हम सब फहराबो।।
गली गली मा योद्धा मन के,करत घूमबो जयकारा।
धरे हाथ मा धजा तिरंगा,लगही सुघ्घर बड़ प्यारा।।
आजादी पाए बर कतको,वीर बनिन हे बलिदानी।
कइसे हमन भुलाबो संगी,वोकर मन के कुर्बानी।।
अंग्रेजन ले मुक्त करे बर,पुरखा मन खाइन गोली।
हाँसत झुलगे जब फाँसी मा,कतको वीरों की टोली।।
गोली से अब हमन खेलबो,फाँसी मा भी चढ़ जाबो।
जब तक साँस हमर हे तन मा,बइरी ला मार भगाबो।।
जेन देश हा आँख उठाही,वोला चुर चुर कर जाबो।
कतको आही चाहे विपदा,मन मा हम नइ घबराबो।।
चलव चलव सब दीदी भइया, आजादी परब मनाबो।
तीन रंग के धजा तिरंगा,मिलके हम सब फहराबो।।
रचनाकार:- राजेश कुमार निषाद ग्राम चपरीद रायपुर (छ. ग.)
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