शनिवार, 21 फ़रवरी 2026

चौपाई छंद

।।चौपाई छंद।। जात पात, ऊँच नीच, भेद भाव 
सुनलव बहिनी सुनलव भाई। 
ऊँच नीच के करव बिदाई।।
रहव बनाके भाई चारा।
छुआ-छूत ला करव किनारा।।

हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई।
जैन बौद्ध बन होत लड़ाई।।
लाल लहू रग सबके हावै।
लोग धरम काबर अलगावै।।

जात पात के पाटव खाई।
मनखे सब हे भाई-भाई।।
रंग भेद सब करना छोड़व।
सुग्घर सबले नाता जोड़व।।

सुख दुख जिनगी मा तो आथे
मया मोह मा सबो भुलाथे।।
दीन दुखी सब ला अपना के।
राहव सबले प्रेम बनाके।।

होही तब तो नवा सबेरा।
भेद रुपी जब मिटे अँधेरा।।
मानवता के अलख जगावौ।
रंग भेद ला दूर भगावौ।

राजेश कुमार निषाद ग्राम चपरीद रायपुर 

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