।। चौपई छंद ।।
जय हो मइया जय हो तोर,सुनले विनती तैंहर मोर।
करदे किरपा दाई थोर,आय शरण मा हांवव तोर।।
मैं तो लइका तोर नदान, देदे मोला तै वरदान।
बेटा मोला अपने जान,निसदिन करहूँ तोर धियान।।
महिमा ला ओ रोजे गांव,जस ला तोरे मैं बगरांव।
देबे अँचरा मोला छांव,तोर मया ला मैं हर पांव।।
तोर शरण मा मनखे आय,आके ओमन माथ नवाय।
पान फूल ला धरके लाय, करके पूजा तोर चढ़ाय।।
घर घर मा हे तोरे वास,रहिथस तैं हा सबके पास।
करय तोर जे बिसवास,होवय पूरा ओकर आस।।
✍ राजेश कुमार निषाद ग्राम चपरीद ✍
जय हो मइया जय हो तोर,सुनले विनती तैंहर मोर।
करदे किरपा दाई थोर,आय शरण मा हांवव तोर।।
मैं तो लइका तोर नदान, देदे मोला तै वरदान।
बेटा मोला अपने जान,निसदिन करहूँ तोर धियान।।
महिमा ला ओ रोजे गांव,जस ला तोरे मैं बगरांव।
देबे अँचरा मोला छांव,तोर मया ला मैं हर पांव।।
तोर शरण मा मनखे आय,आके ओमन माथ नवाय।
पान फूल ला धरके लाय, करके पूजा तोर चढ़ाय।।
घर घर मा हे तोरे वास,रहिथस तैं हा सबके पास।
करय तोर जे बिसवास,होवय पूरा ओकर आस।।
✍ राजेश कुमार निषाद ग्राम चपरीद ✍
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