।।मतगयंद सवैया।।
तैं सुनले कहना करहूँ बहिनी अब मैंहर तोर अगोरा।
तोर मया कइसे छुटही सुन आवत हावय देखव पोरा।।
आज सबो करके रखले बहिनी अपने सब तैंहर जोरा।
तोर सखी मन पूछत हावय की कब आवत हे मनटोरा।।
तैं सुनले कहना करहूँ बहिनी अब मैंहर तोर अगोरा।
तोर मया कइसे छुटही सुन आवत हावय देखव पोरा।।
आज सबो करके रखले बहिनी अपने सब तैंहर जोरा।
तोर सखी मन पूछत हावय की कब आवत हे मनटोरा।।
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