।।आल्हा छंद।।
कोरोना पर जन जागरण
घुमव फिरव झन बाहिर जादा, राहव घर मा सबझन साथ।
कोरोना ले बचहू भइया, धोवव घेरी बेरी हाथ।।
करो सफाई कोना कोना,घर के अपन सबो हा आज।
मिलके हाथ बटावव संगी,करव नही गा थोरिक लाज।।
दुरिहा दुरिहा सबझन राहव,अइसन डॉक्टर बात बताय।
बचबो कोरोना ले भइया, करबो जब ये हमन उपाय।।
जावव झन गा काम बुता मा,कोरोना ले तो डर जाव।
घर के भीतर रहिके संगी,जान अपन गा सबो बचाव।।
बासी खाना ला झन खाहू, खावव बढ़िया ताते तात।
गरम गरम गा पीहू पानी,तब तो जाके बनही बात।।
मिलना जुलना बंद करव अब,छोड़व सबो मिलाना हाथ।
आवत जावत गली खोर मा,राखव गमछा हरदम साथ।।
आय महामारी जी येहर,रोग भयंकर भारी जान।
हल्का मा झन लेवव येला,लेवत हावय सबके प्राण।।
रचनाकार:- राजेश कुमार निषाद ग्राम चपरीद (समोदा) जिला रायपुर छत्तीसगढ़
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