शुक्रवार, 10 जुलाई 2020

।।मौसम का मिजाज।।

विषय - मौसम का मिजाज
।।विधा - दोहा ।।

देखो मौसम आज का,कितना बदले रूप।
अपनी मनमानी करे,कभी छाँव तो धूप।।

सावन महिना देख लो,छाय घटा घनघोर।
उथल पुथल सब ओर है,गिरता पानी जोर।।

 मचले मन संगीत में,सावन झूला झूल।
मौसम देख मिजाज की,खिलती कलियाँ फूल।।

गीली गीली है धरा,मन में छाय उमंग।
आसमान में है छटा, इंद्रधनुषी रंग।।

पलपल बदलत जात है, कैसा है ये रीत।
लगे सुहावन है धरा,सुनले मन के प्रीत।।

रचनाकार:- राजेश कुमार निषाद ग्राम चपरीद

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