भागम भाग चले जिनगी कइसे कटही दिन हा तब मोर गा।
रोज थके घर आथँव मैं हर लेवय ना सुध ला सब मोर गा।
काम बुता करथोँ कतको मँय देखय हालत ला कब मोर गा।
आस लगाय महूँ रहिथो दिन आवय तो सुख.. के अब मोर गा।
।।चौपाई छंद।। जात पात, ऊँच नीच, भेद भाव सुनलव बहिनी सुनलव भाई। ऊँच नीच के करव बिदाई।। रहव बनाके भाई चारा। छुआ-छूत ला करव किनारा।। हिन्दू म...
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