शनिवार, 21 सितंबर 2024

।।पर्यावरण में करो सुधार।।

।।पर्यावरण में करो सुधार।।
अपनी सुख सुविधाओं के लिए क्यों वृक्ष को काट रहे हो।
नदी नालों तालाबों को क्यों तुम पाट रहे हो।

रोक दो तुम अपनी इस भयानक अत्याचार।
धरती माता कर रही पुकार पर्यावरण में करो सुधार।

जंगल के वृक्ष को काटोगे तो कहाँ से बचेगा बसंत बहार।
नदी नाले सूखे हो जायेंगे तो हर तरफ मचेगा हाहाकार।

इसलिए मैं पुनः कहता हूँ रोक दो तुम अपनी अत्याचार।
धरती माता कर रही पुकार पर्यावरण में करो सुधार।

वृक्ष को अगर तुम काटोगे तो सूरज की गर्मी बढ़ जायेगा।
ना तुम्हें छाँव मिलेगा और ना ही शुद्ध हवा मिल पायेगा।

छोड़ो अपने हठ को धरती माता की सेवा में मन रखो उदार।
धरती माता कर रही पुकार पर्यावरण में करो सुधार।

आओ हम संकल्प करे वृक्ष लगाकर करेंगे उसकी देखभाल।
हरे भरे वनों से तब जाकर धरती माता होगी खुशहाल।

नही काटेंगे अब वृक्षों को और नही करेंगे अत्याचार।
क्योंकि धरती माता कर रही पुकार पर्यावरण में करो सुधार।

रचनाकार :- राजेश कुमार निषाद ग्राम चपरीद रायपुर छत्तीसगढ़ 

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