शनिवार, 21 सितंबर 2024

।।जगमग जोत जले।।

।। जगमग जोत जले।।
जगमग जोत जले जगमग जोत जले
मइया तोर अँगना मा दाई तोर दुवारी मा
सुघ्घर फूल खिले जगमग जोत जले..........।

चैत कुँवार के महिना दाई जगमग जोत जलाथे
पावन तोर अँगना दाई जिहाँ सुघ्घर मेला भराथे
तोर अछरा के छाँव मा दाई सब हे पले
जगमग जोत जले जगमग जोत जले......

जोत के महिमा भारी हावय कहिथे चतुर सुजान
जगमग जगमग जलत रहिथे देखथे सारा जहान
तोर जोत के अँजोर ले दाई अँधियारी घलो धुले
जगमग जोत जले जगमग जोत जले..........

महिमा तोर अपार वो दाई कोनो पार नइ पाथे
मन के मनौती पाये बर तोर नाम के जोत जलाथे
तोर शरण मा जउन आथे सब दुख ला हे भुले 
जगमग जोत जले जगमग जोत जले..........

रचनाकार :- राजेश कुमार निषाद ग्राम चपरीद रायपुर छत्तीसगढ़ 

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