।। हमर महतारी ।।
त्रेता युग से लेकर कलियुग तक,करम ठठाईस महतारी ग।
मोहमाया म भुलाके, रोईस दुनियादारी ग।
गली गली म घुमय संगी लईका ल कोरा म रख के नारी।
अईसन सुघ्घर हावे हमर महतारी।
पढ़े हावव किताब म संगी,
नारी सती,अहिल्या,कौशिल्या के नाम ग।
ममता मयी महतारी के सुघ्घर हावे काम ग।
लार दुलार करईया मईया बड़ी हे प्यारी।
अईसन सुघ्घर हावे हमर महतारी।
नव महीना ले अपन कोरा म,
राखिस हमला जतन के।
पांच बरस के होवत ले,
दूध पिलाईस अपन तन के।
दुःख के भार झेलईया दाई बड़ी हे न्यारी।
अईसन सुघ्घर हावे हमर महतारी।
अईसन माँ के बेटा बने बर जग म आईस राम।
राम के नाम अमर होगे जानिस लोगन आम।
काकरो बहू बेटी बनिस त काकरो बनिस सुवारी।
अईसन सुघ्घर हावे हमर महतारी।
रचनाकार ÷ राजेश कुमार निषाद ग्राम चपरीद (समोदा)
मो.न.9713872983
त्रेता युग से लेकर कलियुग तक,करम ठठाईस महतारी ग।
मोहमाया म भुलाके, रोईस दुनियादारी ग।
गली गली म घुमय संगी लईका ल कोरा म रख के नारी।
अईसन सुघ्घर हावे हमर महतारी।
पढ़े हावव किताब म संगी,
नारी सती,अहिल्या,कौशिल्या के नाम ग।
ममता मयी महतारी के सुघ्घर हावे काम ग।
लार दुलार करईया मईया बड़ी हे प्यारी।
अईसन सुघ्घर हावे हमर महतारी।
नव महीना ले अपन कोरा म,
राखिस हमला जतन के।
पांच बरस के होवत ले,
दूध पिलाईस अपन तन के।
दुःख के भार झेलईया दाई बड़ी हे न्यारी।
अईसन सुघ्घर हावे हमर महतारी।
अईसन माँ के बेटा बने बर जग म आईस राम।
राम के नाम अमर होगे जानिस लोगन आम।
काकरो बहू बेटी बनिस त काकरो बनिस सुवारी।
अईसन सुघ्घर हावे हमर महतारी।
रचनाकार ÷ राजेश कुमार निषाद ग्राम चपरीद (समोदा)
मो.न.9713872983
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