।। छोटे से हे मोर गांव ।।
रायपुर शहर म संगी
एक छोटे से हे मोर गांव।
पढ़ईया लईका अंव संगी
राजेश कुमार हे मोर नांव।
जनम के अंव मैं बिल्कुल छत्तीसगढ़िया।
सब कहिथे मोला मस्त मढ़िया।
हमर बस्ती म संगी
मस्त हे पीपर के छांव।
रायपुर शहर म संगी
एक छोटे से हे मोर गांव।
गली गली मैं घुमथंव अकेला।
सब कहिथे मोला अलबेला।
चाल मोर मस्ताना हे।
रूप के ये दीवाना हे।
फैसन के जमाना ये संगी
का बात मैं बतांव।
रायपुर शहर म संगी
एक छोटे से हे मोर गांव।
रहिथंव गवंई गांव देहात म।
हंसी मजाक रहिथे मोर बात म।
खेती बाड़ी करना पेशा ये।
चना कस रेशा ये।
साग भाजी के हे बगीचा
कोन कोति मैं घुमांव।
रायपुर शहर म संगी
एक छोटे से हे मोर गांव।
राजेश कुमार निषाद
रायपुर शहर म संगी
एक छोटे से हे मोर गांव।
पढ़ईया लईका अंव संगी
राजेश कुमार हे मोर नांव।
जनम के अंव मैं बिल्कुल छत्तीसगढ़िया।
सब कहिथे मोला मस्त मढ़िया।
हमर बस्ती म संगी
मस्त हे पीपर के छांव।
रायपुर शहर म संगी
एक छोटे से हे मोर गांव।
गली गली मैं घुमथंव अकेला।
सब कहिथे मोला अलबेला।
चाल मोर मस्ताना हे।
रूप के ये दीवाना हे।
फैसन के जमाना ये संगी
का बात मैं बतांव।
रायपुर शहर म संगी
एक छोटे से हे मोर गांव।
रहिथंव गवंई गांव देहात म।
हंसी मजाक रहिथे मोर बात म।
खेती बाड़ी करना पेशा ये।
चना कस रेशा ये।
साग भाजी के हे बगीचा
कोन कोति मैं घुमांव।
रायपुर शहर म संगी
एक छोटे से हे मोर गांव।
राजेश कुमार निषाद
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