।।राम वनवास।।
दशरथ जी रोवय धरर धरर
कौशिल्या रोवय धरर धरर
कहिके बेटा राम कहिके बेटा राम
मत जा बेटा हमन ल छोड़ के
मोर आंखी के तारा
मोर प्राण के अधारा
जावत हावस तै वनवास रे।
काला तै खाबे बेटा
काला तै पिबे रे
जावत हस तै बन म
कईसे तै रहिबे रे
झन जा बेटा मान जा ग
दशरथ जी रोवय धरर धरर
कौशिल्या रोवय धरर धरर
कहिके बेटा राम कहिके बेटा राम
पांव म तोर पनही नइये
तन म तोर कुरता
कईसे तै रहिबे बेटा
आहि तोला हमर सुरता
मत जा बेटा हमन ल छोड़ के
मोर आंखी के तारा
मोर प्राण के अधारा
जावत हस तै वनवास रे
दूजे कस चंदा दिखत हे
आंखी ले आँसू टपकत हे
रोवत हे सब नर नारी
संग म तै ले जात हस
भाई अऊ अपन सुवारी
मत जा बेटा हमन ल छोड़ के
दशरथ जी रोवय धरर धरर
कौशिल्या रोवय धरर धरर
कहिके बेटा राम कहिके बेटा राम
मोर आंखी के तारा
मोर प्राण के अधारा
जावत हस तै वनवास रे
विरह गीत लिखने का प्रयास किया हूँ
राजेश कुमार निषाद
ग्राम चपरीद
दशरथ जी रोवय धरर धरर
कौशिल्या रोवय धरर धरर
कहिके बेटा राम कहिके बेटा राम
मत जा बेटा हमन ल छोड़ के
मोर आंखी के तारा
मोर प्राण के अधारा
जावत हावस तै वनवास रे।
काला तै खाबे बेटा
काला तै पिबे रे
जावत हस तै बन म
कईसे तै रहिबे रे
झन जा बेटा मान जा ग
दशरथ जी रोवय धरर धरर
कौशिल्या रोवय धरर धरर
कहिके बेटा राम कहिके बेटा राम
पांव म तोर पनही नइये
तन म तोर कुरता
कईसे तै रहिबे बेटा
आहि तोला हमर सुरता
मत जा बेटा हमन ल छोड़ के
मोर आंखी के तारा
मोर प्राण के अधारा
जावत हस तै वनवास रे
दूजे कस चंदा दिखत हे
आंखी ले आँसू टपकत हे
रोवत हे सब नर नारी
संग म तै ले जात हस
भाई अऊ अपन सुवारी
मत जा बेटा हमन ल छोड़ के
दशरथ जी रोवय धरर धरर
कौशिल्या रोवय धरर धरर
कहिके बेटा राम कहिके बेटा राम
मोर आंखी के तारा
मोर प्राण के अधारा
जावत हस तै वनवास रे
विरह गीत लिखने का प्रयास किया हूँ
राजेश कुमार निषाद
ग्राम चपरीद
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